<p>हारा हूँ सौ बार गुनाहों से लड़-लड़कर</p><p>लेकिन बारंबार लड़ा हूँ मैं उठ-उठकर</p><p>इससे मेरा हर गुनाह भी मुझसे हारा</p><p>मैंने अपने जीवन को इस तरह उबारा </p><p>डूबा हूँ हर रोज़ किनारे तक आ-आकर</p><p>लेकिन मैं हर रोज़ उगा हूँ जैसे दिनकर</p><p>इससे मेरी असफलता भी मुझसे हारी</p><p>मैंने अपनी सुंदरता इस तरह सँवारी</p>

Jahnvi Rupareliya

Jahnvi Rupareliya

हारा हूँ सौ बार गुनाहों से लड़-लड़कर by Kedarnath Agarwal

DEC 25, 20250 MIN
Jahnvi Rupareliya

हारा हूँ सौ बार गुनाहों से लड़-लड़कर by Kedarnath Agarwal

DEC 25, 20250 MIN

Description

<p>हारा हूँ सौ बार गुनाहों से लड़-लड़कर</p><p>लेकिन बारंबार लड़ा हूँ मैं उठ-उठकर</p><p>इससे मेरा हर गुनाह भी मुझसे हारा</p><p>मैंने अपने जीवन को इस तरह उबारा </p><p>डूबा हूँ हर रोज़ किनारे तक आ-आकर</p><p>लेकिन मैं हर रोज़ उगा हूँ जैसे दिनकर</p><p>इससे मेरी असफलता भी मुझसे हारी</p><p>मैंने अपनी सुंदरता इस तरह सँवारी</p>