Description
<p>एक साहुकार हो, बींक टाबर टूबर कोई कोनी हो । माह को महिनो आयो। लुगाया चौथ की पूजा करण बैठी । बाबठ चली गयी । लुगायां न बोली कि थे कांई करो ? बे बोली, म्हे चौथ माता की पूजा करां । ई सू कांई हुव। लुगायां बोली, अनपुत्रा न पुत्र हुवे, बिछडया को मेंल हुव, अन्न धन हुब, चौथ माता सुवाग देव ।</p>