Description
संघर्ष से सफलता तक – दिव्यांगता कोई सीमा नहीं
स्टीफन हॉकिंग ने व्हीलचेयर पर रहते हुए ब्रह्मांड के रहस्य उजागर किए, सुधा चंद्रन ने कृत्रिम पैर के साथ नृत्य में इतिहास रचा, और अरुणिमा सिन्हा ने एक पैर गंवाने के बावजूद माउंट एवरेस्ट फतह किया। दिव्यांगता रुकावट नहीं, बल्कि एक नई ताकत है – बस आत्मविश्वास और संकल्प होना चाहिए!