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Welcome to the The GreyMatters Podcast—where ideas, policy, governance, sustainability, business, and innovation come together through meaningful conversations. Hosted by GreyMatters Communications & Consulting, this podcast brings you exclusive discussions on diverse topics including agriculture and climate resilience to infrastructure, public policy, corporate leadership, technology, and social impact.

Recent Episodes

JUL 14, 2026
Journey of the Sustainable Agriculture Summit (2024–2026): 10 National Policy Priorities for Climate-Resilient Farming
Join us on a special journey through the evolution of the Sustainable Agriculture Summit & Awards from 2024 to 2026. This episode brings together key insights, regional experiences, and practical solutions emerging from six landmark policy dialogues held in Bhopal, Chandigarh, Nagpur, Patna, Baraut, and Alwar. The discussion presents a comprehensive overview of the 10 National Policy Priorities aimed at building a climate-resilient, water-smart, soil-friendly, and farmer-centric agricultural ecosystem in India. Drawing on the perspectives of policymakers, scientists, industry leaders, and farmers, the episode explores the roadmap for strengthening agricultural sustainability and food security. The episode concludes with a special invitation to the 3rd National Sustainable Agriculture Summit & Awards – Krishi Samriddhi 2047, to be held on 7 August 2026 at the India International Centre, New Delhi, where national leaders and stakeholders will come together to shape the future of sustainable agriculture in India. * * * वर्ष 2024 से 2026 तक आयोजित सतत कृषि शिखर सम्मेलन एवं पुरस्कारों की इस विशेष यात्रा में आपका स्वागत है। इस एपिसोड में भोपाल, चंडीगढ़, नागपुर, पटना, बड़ौत और अलवर में आयोजित छह क्षेत्रीय नीति संवादों से प्राप्त अनुभवों, स्थानीय चुनौतियों और व्यावहारिक समाधानों को समाहित किया गया है। चर्चा के दौरान जलवायु-अनुकूल, जल-कुशल, मिट्टी-अनुकूल और किसान-केंद्रित कृषि व्यवस्था के निर्माण के लिए तैयार की गई 10 प्रमुख राष्ट्रीय नीति सिफारिशों का विस्तृत सार प्रस्तुत किया गया है। यह एपिसोड नीति-निर्माताओं, कृषि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ प्रस्तुत करता है। एपिसोड के अंत में 7 अगस्त, 2026 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले तृतीय राष्ट्रीय सतत कृषि शिखर सम्मेलन एवं पुरस्कार – कृषि समृद्धि 2047 में सहभागिता के लिए विशेष आमंत्रण भी दिया गया है। #SustainableAgriculture #ClimateSmartAgriculture #PolicyDialogue #Agriculture #Farmers #ClimateResilience #Sustainability
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MAY 12, 2024
Happy Mother's Day!
Life doesn't come with a manual, it comes with a mother. And how true it is! Today we celebrate the incredible journey of motherhood, today we celebrate mothers. मां ~ ये एक अक्षर संपूर्ण सृष्टि के बराबर माना गया है। वाल्मीकि रामायण में भगवान राम ने कहा है “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसि।” यानी मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ है। इस एक अक्षर का संबोधन पूरी सृष्टि का श्रेष्ठ संबोधन है, इस एक संबोधन में मानव जीवन के लिए जरूरी सारे भाव हैं ~ प्रेम, अपनापन, करुणा। मां एक सुखद अनुभूति है, एक शीतल आवरण की तरह जो हमें हर परेशानी, दुख, चिंता से बचाने को कोशिश करती है। मांओं का होना, हमें जीवन के हर लड़ाई से लड़ने की ताकत देता है। मां जिंदगी का विश्वास होती है, मां जीवन का संबल होती है, सराहा होती है, मां जीवन की आस होती है, मां ही तो जीवन का सार होती है। मुन्नवर राणा की एक शेर है ~ चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है और सच में उपमाओं से परे है मां, शब्दों में उसकी व्याख्यान करना संभव नहीं। मां होने का अर्थ ख़ुद मां बनने के बाद पता चलता है, देखने से मातृत्व आसान जरूर लगता है, पर सच में ऐसा नहीं होता है। जब छोटे थे तो लगता था कि क्यों मां छोटी छोटी चीजों पे बोलती है, मां को अक्सर कहते थे कि अब हम बच्चे नहीं हैं, बड़े हो गए हैं, अपना ध्यान रख सकते हैं। कई सवाल और शिकायत थे मां के लिए, अब जब खुद मां बन गए हैं तो सारे शिकायत और सवाल खत्म होंगे। खुद मां बनने के बाद आप अपनी मां को ज्यादा बेहतर समझते हैं। याद कीजिए, आपके जन्मदिन या त्योहारों में मां की बनाई वो मिठाई या छोले ~ आप किसी भी फाइव स्टार में चले जाएं, मां के हाथ का स्वाद नहीं मिल पाएगा। मां के हाथों की बनी हुई स्वेटर में हम कितने सुंदर लगते थे, और याद है कहीं जाने से पहले मां का हम सबको काला टीका लगाना ताकि नजर न लगे। ये माएं भी न कमाल होती हैं। अगर आप इनके लिए कुछ छोटी सी चीज भी कर देंगे न तो ये ऐसे खुश होती जैसे पता नहीं क्या हो गया। आप जब घर से दूर होते हैं तो ये आपके एक कॉल का इंतजार पूरे दिन करती हैं, आपके सलामती के लिए हर रोज मन्नते मांगती हैं, प्रार्थना करती हैं। मां अनमोल है। जब तक जीवन में मां का साथ है, उनके साथ समय बिताए, बातें करें, हंसे। और हां मां को सेलिब्रेट करने के लिए सिर्फ एक दिन नहीं है, हार्बडिन मां का है क्योंकि हम भी तो उनसे ही हैं। और अंत में मेरी लिखी एक छोटी सी कविता ~ जिंदगी की तेज़ धूप में मेरी छांव मां बारिश में छाता सी मां गर्मी में हाथ वाली पंखा मां मेरा पहली बोली मां मेरी हंसी ठिठोली मां मेरा आंगन मां मेरा बचपन मां मेरी पहली गुरु मां परियों और जादू वाली दुनिया मां आंखों में सपने संजोने वाली मां उपमाओं से परे मां शब्दों की माला में न बंधने वाली मां मेरी लंबी उम्र के लिए मंत्रों का जाप मां पानी सी निश्छल मां सबसे प्यारी मेरी मां Happy Mother's Day! THANK YOU
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