<description>&lt;p&gt;वो गुजरा हुआ वक़्त, और वो....&lt;br /&gt; वो जब तन्हाइयों में मेरी, मेरा हमसफ़र हो गई &lt;br /&gt; कुछ दूर ही सही-मेरे साथ हो गयी &lt;br /&gt; तब, वीरानियां जिंदगी की &lt;br /&gt; महफ़िलों में तब्दील हो गयीं &lt;br /&gt; कुछ पल के लिये ही सही &lt;br /&gt; मैं उसमें और वो मुझमें खो गई &lt;br /&gt; ज़िस्म-ओ-जाॅ की सब जंजीरें &lt;br /&gt; टूटने को बेताब हो गयीं &lt;br /&gt; जब...एक अजनबी हसीना से &lt;br /&gt; यूँ ही मुलाक़ात हो गई....&lt;/p&gt;</description>

DHADKANE MERI SUN

Dr. Rajnish Kaushik

Ek Ajnabi Haseena Se

JUN 4, 202619 MIN
DHADKANE MERI SUN

Ek Ajnabi Haseena Se

JUN 4, 202619 MIN

Description

वो गुजरा हुआ वक़्त, और वो.... वो जब तन्हाइयों में मेरी, मेरा हमसफ़र हो गई कुछ दूर ही सही-मेरे साथ हो गयी तब, वीरानियां जिंदगी की महफ़िलों में तब्दील हो गयीं कुछ पल के लिये ही सही मैं उसमें और वो मुझमें खो गई ज़िस्म-ओ-जाॅ की सब जंजीरें टूटने को बेताब हो गयीं जब...एक अजनबी हसीना से यूँ ही मुलाक़ात हो गई....