Jeevan Nauka

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Ungliyaan mazdoor ki - Ek Muktak

SEP 20, 20201 MIN

Description

उँगलियाँ मज़दूर की - ज़िन्दगी के कुछ कठिन पहलू पर कही गयीं एक मुक्तक की 4 पंक्तियाँ हैं जो रचनाकार अश्क़ कायमी की रचनाओं से ली गयी हैं। यह मुक्तक स्वयं रचनाकार अश्क़ कायमी की आवाज़ में सुनना, इसे सुनने में एक अलग ही जान लाता है। You can read Books written by an amazing writer 'Ashq Kaayami' are available on Amazon Kindle link:- amzn.to/2RmdkzX You can follow us on Social media Links :- Facebook : https://www.facebook.com/Jeevannauka/ Instagram : https://instagram.com/jeevan_nauka Our Podcasts are available on : Anchor : https://anchor.fm/jeevan-nauka Spotify : https://open.spotify.com/show/3MTF8hQ2wcjlBMuBthLOe4 ऐसे कई विचार हैं जो हमारे दिमाग को पार करते हैं, हालांकि बहुत कम ऐसे हैं जो खुद को व्यक्त करने के लिए एक आवाज़ पाते हैं। जीवन नौका से जुड़े उत्कृष्ट रचनाकारों की रचनाऐं कई ऐसे ख़यालों की अभिव्यक्ति का संग्रह हैं जिनके साथ आप प्रतिध्वनित हो पाएंगे। ये रचनाऐं उन अंतरतम विचारों को सामने लाती हैं जिनसे आप अपने आस-पास के विभिन्न रिश्तों में शामिल जटिलताओं के कारण संघर्ष कर सकते हैं। कुछ रचनाएं सरल हिंदी में हैं और कुछ हिंदी-उर्दू में हैं। हम कई छुपे हुए उम्दा रचनाकारों की रचनाएं आपके समक्ष प्रस्तुत करते हैं जो आपके दिल को आसानी से छू सकती हैं। जीवन नौका में हम आपके साथ जीवन के रंग कई रूप में साझा करते हैं जैसे ग़ज़ल, मुक्तक, गीत, शायरी, व्यंग, नज़्में, किस्से, कहानियां, कुछ अनमोल बातें। जीवन नौका द्वारा प्रस्तुत रचनाओं में भारतीय समाज सभ्यता संस्कृति के अनेक रूप रंग देखने को मिलेंगे जैसे प्यार, सपने, आशा, विश्वास, हास्य, देशभक्ति, प्रकृति, रात, बारिश, आँख, आँसू, धोका, दरिन्दिगी, शोषण, उत्पीड़न, गरीबी, दिल, आत्मा, व्यंग्य, संयोग- वियोग, जीवन, चाँद आदि अनेकानेक प्रतीकों में निजी अभिव्यक्ति देखने को मिलती है जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को आपके साथ सहेजता से जोड़ने का कार्य करतीं हैं। हमारे सबसे अधिक अनुभवी और उत्कृष्ट रचनाकार अश्क़ कायमी के बारे में कुछ शब्द :- रचनाकार अश्क़ कायमी ने अपनी सभी रचनाएं सन 1990 के पूर्वार्ध तक ही कही हैं। हालांकि उनकी उस समय की रचनाएं आज के समय में भी पूरी तरह मेल खाती हैं जिनसे स्वामी अक्षरानन्द सरस्वती के अतीत के उत्कृष्ट चिन्तन एवं प्रेम से परिपूर्ण भावुक हृदय से पंरिचय का दुर्लभ अवसर मिलता है। इन्होंने कई रचनाये लिखीं थीं जिनमे कई उपन्यास, कहानियां, गीत, ग़ज़ल, कविताएं और मुक्तक शामिल हैं। अधिकाँश पाण्डुलिपियां अप्राप्य हैं। आज जबकि वे जरावस्था की ओर अग्रसर हैं और अनेक व्याधियों से ग्रस्त हैं, हम चाहते हैं कि उनकी जितनी रचनाएं इस समय सुरक्षित बची हुईं हैं, उन्हें प्रकाशित कर आप सभी के साथ साझा करें। इस समय उनकी पाँच कृतियाँ हमें सुरक्षित मिली हैं, जिन्हें हम Amazon पर प्रकाशित कर रहे हैं। प्रकाशित कर रहे हैं। पर प्रकाशित कर रहे हैं। प्रकाशित कर रहे हैं। अयाचित याचना (ग़ज़ल संग्रह) - प्रथम संस्करण अनुराग (ग़ज़ल संग्रह) - द्वितीय संस्करण झंझावात (ग़ज़ल संग्रह) - तृतीय संस्करण दो पत्तियां (दोहा संग्रह) बिखरे मोती (गीत-मुक्तक संग्रह)l