हिंदू धर्म में माँ दुर्गा को शक्ति की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। वे आदिशक्ति हैं – सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार, तीनों ही रूपों का आधार। माँ दुर्गा केवल एक देवी नहीं, बल्कि अपराजेय शक्ति, अडिग साहस और असीम करुणा का प्रतीक हैं। मान्यता है कि जब-जब अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब माँ दुर्गा अपने विभिन्न स्वरूपों में अवतरित होकर धर्म की रक्षा करती हैं और अपने भक्तों का उद्धार करती हैं।
नवरात्रि में माँ के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है - शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, और सिद्धिदात्री। इन नौ स्वरूपों की कथाएँ केवल पुराणों की गाथाएँ नहीं हैं, बल्कि जीवन के गहरे संदेश भी छुपाए हुए हैं।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर, हम आपके लिए लेकर आए हैं माँ दुर्गा के नौ रूपों की अद्भुत कथाएँ। इस श्रृंखला में, हम आपको एक-एक कर इन स्वरूपों की कहानियाँ सुनाएँगे, कि कब कब और कैसे माँ प्रकट हुईं, किन परिस्थितियों में उन्होंने राक्षसों का संहार किया, और किस तरह हर रूप ने भक्तों को जीवन का अनमोल संदेश दिया।
तो जुड़िए हमारे साथ और सुनिए माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की कहानी।
Visit our website: https://chimesradio.com